इस्लाम से जुड़ी 10 रोचक बातें जो आपको चौंका देगी

RELIGION

 धर्म डेस्क : हम आपको बताते हैं इस्लाम से जुड़ी कुछ रोचक बातें जो आपने पहले नहीं सुनी होगी:-

1. अरब देशों में रहने वाले सभी मुसलमान नही

सारे अरबी लोग मुस्लिम नहीं हैं। उनमें ईसाई, बौद्ध, यहूदी, एथेस्ट भी हैं। इसके बावजूद इंडोनेशिया मं मुस्लिम आबादी ज्यादा है।

2. मुसलमान मोहम्मद और मक्का की पूजा नहीं करते :इस्लाम के अंतिम धर्मगुरू मोहम्मद साहब हुए। उनके लिए सबके मन में आदर था लेकिन उनकी पूजा नहीं की जाती है क्योंकि अल्लाह के अलावा अगर कोई किसी और की पूजा करता है तो उसे पाप समान ही समझा जाता है, जिसे शिर्क कहा जाता है। मक्का और मोहम्मद दोनों को इस्लाम में बहुत माना जाता है लेकिन उनकी पूजा नहीं की जाती है।

3. अल्ला-हु-अकबर डर वाला शब्द नहीं है                                                                                                                                             अल्ला-हु-अकबर का मतलब है ‘अल्लाह महान है’। मुस्लिम लोग अपने दुख-दर्द और चिंताएं मिटाने के लिए ऐसा कहते हैं। ग़ैर मुसलमान के लिये इसका अर्थ होगा ‘ईश्वर महान है’।

4. सारी मुस्लिम औरतें बुर्का नहीं पहनती  : बुर्का या हिजाब का मतलब अपने आप को ढकना है लेकिन मुस्लिम औऱतों के लिए यह अनिवार्य नहीं है। वह भी मॉडर्न कपड़े पहन सकती हैं। बस आपके शऱीर का कोई हिस्सा दिखाई नहीं देना चाहिए।

5. इस्लाम में शराब और सिगरेट पर पाबंद : शराब और सिगरेट एक धीमा जहर है और जो भी चीज आपको मार सकती है इस्लाम उसकी आज्ञा नहीं देता। इस्लाम में आत्महत्या वर्जित है। इसके साथ ही इन चीज़ों के सेवन के बाद व्यक्ति बुरे काम भी करता है।

6. गर्भपात पर पाबंदी

इस्लाम में भ्रूणहत्या पर प्रतिबंध है लेकिन हां अगर मां की जान को ख़तरा है तो गर्भपात किया जा सकता है।

7. दुनिया का दूसरा बड़ा धर्म

इस्लाम दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा और तेज़ी से बढ़ता हुआ धर्म है। माना जाता है कि ये 2050 तक यह ईसाई धर्म के बराबर हो जाएगा।

8. मरियम का नाम बाइबिल से ज़्यादा क़ुरान में

मैरी या मरियम का नाम जितना बाईबल में लिया गया है, उससे कहीं ज्यादा कुरान में लिया गया है।

9. मुसलमानों ने यहूदियों को बचाया था

दूसरे विश्व युद्ध में बहुत से मुसलमानों ने नाजियों से यहूदियों को बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान किया था।

10. मुसलमान हिंसा नहीं चाहते

इस्लाम में हिंसा की सख़्त मनाही है। इस्लाम में लोगों से शांति का  द्रढ़ता से इसका पालन करने को कहा गया है। इस्लाम मानवता पर आधारित है और मोहम्मद साहब ने तो उन लोगों को भी प्यार किया, जिन्होने उन पर कचरा फेंका था। जो व्यक्ति अपने आपको मुसलमान कहता है और हिंसा फैलाता है उसे इस्लाम स्वीकार नहीं करता है।

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