गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड : 9 साल की उम्र में प्रिंसिपल बन गया था बाबर अली जानिए कैसे ,गाँव के बच्चे -बच्चे हैं इसके दीवाने

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न्यूज़ डेस्क : हेडमास्टर बनने के लिए तजुर्बे की जरुरत होती है लेकिन यहाँ एक बच्चे ने कर दिया था कमाल मात्र 9 साल में बन गया हेडमास्टर|बाबर अली जब नौ साल का था तब वह स्कूल जाते वक्त अपनी ही उम्र के बच्चों को मेहनत-मजदूरी करते देखता था। एक दिन उसने खेल-खेल में अपने कुछ दोस्तों को पढ़ाना शुरू किया। अपने घर के पीछे एक छोटे से आंगन वो दो-चार दोस्तों को पकड़कर वो सबकुछ बताता जो स्कूल में सिखाया गया था।

बाबर ने कहा, “शुरू में तो मैं अपने दोस्तों के साथ सिर्फ पढ़ाई का खेल करता था, लेकिन फिर मैंने महसूस किया कि ये बच्चे तो कभी लिखना पढ़ना नहीं सीख सकेंगे अगर उन्हें ठीक से शिक्षा नहीं दी गई। उन्हें पढ़ाना मेरा फर्ज बन गया था ताकि देश का भविष्य उज्जवल हो सके।

– धीरे-धीरे आसपास के बच्चों को बाबर की बातों में इंटरेस्ट आने लगा। वे सारे भी उससे यह जानने के इच्छुक रहते थे कि उसने सुबह स्कूल में क्या सीखा।

ये सिलसिला सालों तक जारी रहा। बाबर 16 साल का हो चुका था और हर दिन जब चार बजते ही वो स्कूल से अपने घर वापस आता है, वह घर पर एक घंटी बजाता है, जिसे सुनकर गांव के बच्चों बाढ़ की तरह उमड़े पड़ते थे। इसके बाद बरामदे में बाबर अली अपने ग़ैर-सरकारी स्कूल में हेडमास्टर का काम करता।

– धीरे-धीरे बाबर से सीखने के लिए बच्चों की भीड़ उमड़ने लगी। ये बात गांव में भी फैल चुकी थी। लेकिन पैसे की तंगी की वजह से बाबर बच्चों को वैसी शिक्षा नहीं दे पा रहा था जैसी वो देना चाहता था। बाबर के पिता को जब उसके स्कूल चलाने की बात पता चली तो उन्होंने ये कहते हुए मना कर दिया कि इससे उसकी खुद की शिक्षा प्रभावित होगी, लेकिन बाबर नहीं रूका

बच्चों को किताबें दिलाने के लिए बाबर रद्दी की दुकानों के चक्कर काटता और किताबें खोजता। इसके बाद उसने बच्चों के माता-पिता से चावल लेकर उसे बेचा और उन पैसों से बच्चों के लिए किताबें खरीदी। धीरे-धीरे बाबर का स्कूल बढ़ने लगा। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ वो पूरे दिल से अपना स्कूल चलाता। इसके उसके पिता भी राजी हो गए और बाबर के स्कूल के लिए 600 रुपए भी दान किए।

– इसके बाद बाबर ने अपने इस स्कूल का उद्घाटन किया जिसका नाम उसने आनंद शिक्षा निकेतन रखा। आज बाबर का खुद का स्कूल है जिसमें 800 से भी ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। ग्लोबल मीडिया में उन्हें दुनिया के सबसे यंग प्रिंसिपल नाम से भी जाना जाता है। उन्हें रियल हीरो अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है।

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