खुश हो जाइए डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड यूज करने वाले, रिज़र्व बैंक ने हक़ में लिया है फैसला.

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अगर आप भी डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. तो रिज़र्व बैंक ने खुशखबरी दी है. अब आप जम कर अपने कार्ड से शॉपिंग कर सकते हैं. नए साल से डेबिट और क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग सस्ती हो जाएगी. डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के इरादे से रिजर्व बैंक ने मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) की नई दरें तय की हैं. खुदरा कारोबारियों को अब डेबिट कार्ड पेमेंट पर प्रति ट्रांजैक्शन 0.3 से 0.9 प्रतिशत एमडीआर देना होगा. एमडीआर की अधिकतम दर 1000 रुपये होगी. हालांकि छोटे कारोबारियों को एमडीआर कम देना होगा जबकि बड़े कारोबारियों के लिए इसकी दरें अधिक होंगी.

एमडीआर की नई दरें एक जनवरी 2018 से प्रभावी होंगी. रिजर्व बैंक के मुताबिक सालाना 20 लाख रुपये टर्नओवर वाले कारोबारियों को पीओएस यानी प्वाइंट ऑफ सेल के जरिये डेबिट कार्ड से भुगतान लेने पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर देना होगा और इसकी अधिकतम सीमा 200 रुपये होगी. इसी तरह QR के माध्य म से पेमेंट लेने पर ऐसे कारोबारियों को अब अधिकतम 0.30 फीसदी MDR ही बैंकों को देना होगा, जो प्रति ट्रांजैक्श न अधिकतम 200 रुपए से ज्यामदा नहीं हो सकता है

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया

आरबीआई ने ‘स्टेटमेंट ऑन डेवलपमेंट एंड रेग्युलेटरी पॉलिसीज’ जारी करते हुए बताया कि हाल के दौर में ‘प्वाइंट ऑफ सेल्स’ पर डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शंस में खासी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. केंद्रीय बैंक ने कहा, ‘गुड्स और सर्विसेज की खरीद के लिए मर्चैंट्स के व्यापक नेटवर्क पर डेबिट कार्ड की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए मर्चैंट्स की कैटेगरी के आधार पर डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शंस पर लागू मर्चैंट्स डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के फ्रेमवर्क में बदलाव किया गया है.

डेबिट कार्ड

आपको बता दें कि एमडीआर वह चार्ज है, जो बैंकों द्वारा डेबिट और क्रेडिट कार्ड सर्विसेज उपलब्ध कराने के एवज में मर्चैंट से वसूला जाता है. दरअसल जब कोई व्यापारी डेबिट कार्ड से भुगतान स्वीकार करता है तो बैंक को उसे एमडीआर के रूप में एक शुल्क देना होता है. आरबीआई के अनुसार जिन व्यापारियों का सालाना कारोबार 20 लाख रुपये से अधिक है उन्हें पीओएस से हुए पेमेंट केप्रत्येक ट्रांजैक्शन के लिए 0.9 प्रतिशत एमडीआर देना होगा.

  1. हालांकि इसकी अधिकतम सीमा 1000 रुपये होगी. इसी तरह अगर यह व्यापारी क्यूआर कोड के माध्यम से कार्ड से पेमेंट लेता है तो एमडीआर 0.80 प्रतिशत देना होगा और इसकी अधिकतम सीमा भी 1000 रुपये होगी. आरबीआई ने कहा कि एमडीआर में बदलाव के दो उद्देश्य डेबिट कार्ड्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और इससे जुड़ी इकाइयों के लिए बिजनेस की सस्टेनेबिलिटी सुनिश्चित करना है.

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