बच्चा पैदा करने के बाद मादा भालू को गोलियों से छलनी कर दिया गया ,वजह जान चौंक जाएंगे आप

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न्यूज़ डेस्क : जंगल में  मादा भालू को ट्रंकुलाइज करने की बजाय पुलिस ने सरेआम गोलियों से भून दिया था। इतने राउंड गोलियां चलाई गई थीं कि भालू का शरीर छलनी हो गया था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से इसपर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट ने महासमुंद में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर करने के लिए परिवाद प्रस्तुत किया है।घटना 12 मार्च 2016 की है तब महासमुंद वन मंडल के नवागांव, थाना पटेवा क्षेत्र में जंगल में महुआ बीनने गए तीन ग्रामीणों को एक मादा भालू ने मार दिया था।
इसके बाद वन अधिकारी के आदेश पर भालू को पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक कई राउंड फायर कर मार दिया गया था। इस घटना का वीडियो आने के बाद मामले में संरक्षित वन्य जीव के साथ ऐसी बर्बरता पर लोग सवाल उठाने लगे थे। भालू को मारे जाने बाद गठित तीन वन सेवा के अधिकारियों की जांच समिति ने आरोपियों को निर्दोष बताया था। इधर रायपुर के आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला का कहना है कि वन संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 11 के अनुसार भालू जो कि अनुसूची एक में दर्ज संरक्षित वन्य जीव है। उसे मारने का आदेश देने का अधिकार सिर्फ राज्य के मुख्य वन्य जीव संरक्षक को है। डिप्टी डीएफओ ने भालू को मारने का अवैध आदेश दिया था जो अवैध है।
– ऐसे में कुणाल ने दो वन अधिकारियों, थाना प्रभारी, सात पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए परिवाद प्रस्तुत किया।

पीएम रिपोर्ट में आया था कि मादा भालू की उम्र 6 साल की थी और वजन 75 किलो था। उसके शरीर में 16 से ज्यादा छेद थे और गोली लगने से उसकी मौत हो गई। मादा भालू ने कुछ ही दिन पहले बच्चों को जन्म दिया था और मौत के वक्त भी वो पिछले 2-3 दिनों से भूखी थी, कुछ नहीं खाने को मिला था।वाइल्ड लाइफ एक्टपर्ट्स की मानें तो डिलीवरी के बाद भालू को और भी आहार की जरूरत होती है पर उसे खाने को कुछ नहीं मिला था।कई बार डिलीवरी के बाद बच्चे की सुरक्षा को लेकर भी मादा भालू अटैकिंग हो जाती हैं।
– ऐसे में जंगल में महुआ बीनने गए लोगों को खाने की नीयत से नहीं बल्कि बच्चों की सुरक्षा की नीयत से मादा भालू ने मारा हो।
– वीडियो में साफ दिख रहा है कि जब मादा भालू को मारा गया तब वो लोगों से काफी दूर थी और अटैकिंग अंदाज में भी नहीं थी।

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