विधान परिषद सभापति के बेटे की हत्या में बड़ा खुलासा :पुलिस के हाथ पाँव फूले,सभी सुनकर रह गए दंग

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न्यूज डेस्क : विधान परिषद के सभापति रमेश यादव के बेटे अभिजीत उर्फ विवेक यादव (23) की दारूलशफा स्थित सरकारी आवास में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। उसका शव रविवार सुबह बिस्तर पर पड़ा मिला। पुलिस ने अभिजीत की मां को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि मीरा अभिजीत की नशे की आदत से आजिज आ चुकी थी। रात में भी वह शराब के नशे में घर आया। इसी को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। इस बीच, बड़े भाई अभिषेक की तहरीर पर हजरतगंज थाने में देर रात अज्ञात के खिलाफ साक्ष्य छिपाने व हत्या का केस दर्ज कर लिया गया।

मीरा के मुताबिक सभापति उसे और बेटे अभिजीत के साथ सौतेला व्यवहार करते थे। उनके खर्च तक के लिए रूपये नहीं देते थे। यहां तक कि अभिजीत और उसके जरूरत के सामान भी खरीदने के लिए कई दिनों तक सभापति के परिवार का मोहताज होना पड़ता था। इसी कारण से उसका छोटा बेटा अभिजीत शराब का लती हो गया।

नशे की हालत में मां पर कई बार कर चुका था चाकू से वार
प्रभारी निरीक्षक राधा रमण सिंह के मुताबिक अभिजीत नशे का आदी हो चुका था। वह नशे की हालत में जब भी घर पहुंचता लड़ाई झगड़ा करता था। कभी कभी तो वह मारपीट पर आमादा हो जाता। मीरा यादव खुद को बचाने के लिए अक्सर बड़े बेटे अभिषेक को घर बुलाती थी।

प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अभिजीत ने नशे की हालत में एक बार मीरा पर चाकू से कई वार कर दिये थे। उसके इस आदत से डर कर मां घर में कोई भी धारदार सामान या भारी सामान सामने नहीं रहने देना चाहती। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक शनिवार रात को भी जब मीरा ने गुस्से में उसे थप्पड़ मारा था। अभिजीत नाराज हो गया। उसने मां पर कलछुल से कई बार वार किया। इससे गुस्से में आई मीरा ने उसकी हत्या कर दी।

शुरूआती पड़ताल में अभिजीत की मौत को पुलिस भी सामान्य मान रही थी। परिवारीजनों की कहानी पर भरोसा किया और हार्ट अटैक से मौत की बात मान ली। इसके बाद जब पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया। वहां चार बजे के करीब जब मौत गला घोंटने से होने की पुष्टि हुई तो पुलिस के होश उड़ गये। पुलिस ने आनन-फानन में एएसपी पूर्वी सर्वेश मिश्रा, एएसपी क्राइम दिनेश कुमार सिंह, फोरेंसिक टीम को सभापति केदारूलशफा स्थित आवास पर पड़ताल के लिए भेजा।



वहां पुलिस को कई ऐसे साक्ष्य मिले। जिससे संदेह होने लगा कि घर के अंदर ही अभिजीत का हत्यारा है। हत्या को साजिश रचकर सामान्य मौत की कहानी बनाई गई। सारे सबूत नष्ट किए गये। पुलिस ने घर का कोना-कोना छाना। किचन से लेकर बेडरूम तक कई ऐसे सबूत मिले जो अभिजीत की हत्या की पुष्टि कर रहे थे।

सबूतों को नष्ट करने का संदेह मीरा यादव पर गया। फोरेंसिक टीम जब भी कोई साक्ष्य जुटाती मीरा हाथ से छीनकर किचन में ले जाती। वहां डस्टबीन में डाल देती। इससे नाराज पुलिस अधिकारियों ने सख्ती की। इसके बाद साक्ष्य जुटाए जा सकें।