BF के मौत के बाद GF की डेली रूटीन को जानकर आपका भी दिल पसीज जाएगा

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धनबाद : प्यार में इंसान किसी भी हद को पार करने को तैयार हो जाते हैं |BF की मौत के बाद gf की दुनियां बदल गयी |मंगलवार सुबह एक लड़की की जली हुई लाश मिली। लड़की अपने मामा के घर आई थी। इससे पहले 19 नवंबर, 2017 को बोकारो के दुग्धा के पास एक रेलवे ट्रैक पर उसके ब्वॉयफ्रेंड की भी लाश मिली थी। मृतका की मां ने बताया कि ‘BF की मौत के बाद से बेटी गुमशुम रहती थी। 24 घंटे उसी की यादों में खोई रहती थी। खाना-पीना भी कम कर दिया था।’

-मृतिका खुशबू के परिजनों का कहना है कि उसने सुसाइड किया है। लड़का और लड़की दोनों ही धनबाद के पुटकी थाना क्षेत्र के रहने वाले थे।

-खुशबू की मां फूल देवी के अनुसार, ‘योगेश की मौत के बाद खुशबू अकेली हो गई थी। वो केवल उसी की यादों में रहती थी।’

-‘खाना-पीना भी छोड़ दिया था। अकेले रहना ही उसे पसंद था। किसी से भी खुलकर बात नहीं करती थी। हमेशा बुझी-बुझी सी रहती थी।’

-फैमिली ने खुशबू का मन बदलने के लिए उसे भूली स्थित मामा घर पहुंचा दिया। पर 8 जनवरी 2018 की रात खुशबू की भी संदिग्ध मौत हो गई।

-खुशबू की मां फूल देवी ने पुलिस को बताया कि ’16 नवंबर को उनकी बेटी खुशबू अपने प्रेमी योगेश कुमार के साथ भाग गई थी।’
-’19 नवंबर को योगेश की लाश दुग्धा स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिली थी। इस मामले में योगेश के परिजनों द्वारा हत्या का मामला दर्ज करवाकर उनके पति राजू महतो समेत अन्य पांच लोगों को जेल भेज दिया गया।’

-‘इस वारदात के बाद खुशबू को भूली बस्ती लाया गया था। लेकिन यहां भी खुशबू काफी गुमसुम रहा करती थी। सोमवार देर रात करीब आठ बजे खाना खाकर खुशबू 11 बजे तक टीवी देखी और फिर सो गई थी।’
-‘मंगलवार सुबह करीब पांच बजे जब घर की सदस्य नीलम देवी सुबह नाश्ता की तैयारी के लिए किचन खोलने गई तो दरवाजा अंदर से बंद पाया।’

-‘तब उसने घर के अन्य सदस्यों को जगाकर दरवाजा खुलवाया तो देखा कि खुशबू जलकर मर चुकी है।’

शादी करना चाहते थे दोनों
-खुशबू फागू महतो इंटर कॉलेज कपुरिया में पढ़ती थी और योगेश रांची में राम टहल चौधरी इंटर कॉलेज में सेकेंड इयर का स्टूडेंट था।
-दोनों शादी करना चाहते थे। योगेश रांची स्थित हॉस्टल से 15 नवंबर की शाम से गायब था। जबकि लड़की 16 नवंबर को घर से भाग गई थी।
-दोनों रांची रेलवे स्टेशन के पास स्थित न्यू विश्वास होटल के रूम नंबर 7 में ठहरे थे। इसी बीच खुशबू के भाई ने उन्हें पकड़ लिया।

-खुशबू तो घर आ गई। पर योगेश की लाश रेलवे ट्रैक से बरामद की गई। मृतक योगेश के पिता देवन महतो ने खुशबू की मौत को साजिश करार दिया है। देवन महतो का कहना है कि बेटे की हत्या में खुशबू मुख्य गवाह थी।

-‘वह कोर्ट में यह बात बताने को तैयार थी कि योगेश को कौन लोग अपने साथ ले गए थे। उसे गवाही से रोकने के लिए उन लोगों ने खुशबू को भी मार डाला

मां की माने तो खुशबू सहित पूरे परिवार ने रात 9:30 बजे खाना खाया था। पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताता है कि खुशबू ने कुछ नहीं खाया था। वह भूखी थी। उसके पेट में अनाज का एक भी दाना नहीं था।

किचन में सभी सामान व्यवस्थित
किसी के शरीर में आग लगी हो और वह स्थिर रहे… यह संभव नहीं है। पुलिस का कहना है कि अगर किचन में आग लगाई होती तो उसके इधर-उधर भागने से किचन का सामान बिखरा जाता। पर किचन में ऐसा कुछ नहीं था।

न धुंआ उठा, न कोई सामान जला
किचन में आग लगाई… पर कोई न सामान जला और न ही धुंआ उठा। यह कैसे संभव होगा? किचन में पुलिस को कई भी सामान जला हुआ नहीं मिला। ना ही किचन की कोई दीवार पर धुंआ मिला।

किसी ने चीख क्यों नहीं सुनी
कोई जल रहा हो और चीखे नहीं… यह भी संभव नहीं है। अगर किचन में खुशबू आग लगाती तो उसकी चीख घर वाले और आसपास के लोग जरूर सुनते। पर यहां ऐसा नहीं हुआ।

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