अय्यर जानबूझकर मोदी की जाति पर बोले, फिर माफी मांगी; पार्टी से निकालना डैमेज कंट्रोल : जेटली

Biggest News, DELHI, NATION

नई दिल्ली :मणिशंकर अय्यर के नरेन्द्र मोदी को नीच कहने के बाद राजनीतिक गलियारों हड़कंप मच गया है। मामले पर अब फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने कहा है कि अय्यर को पार्टी से बाहर किया जाना एक सोची-समझी रणनीति है। मेरी लोगों से अपील है कि कांग्रेस के इस खेल को समझें। गुरुवार को अय्यर ने मोदी को नीच आदमी बताया था। मोदी ने सूरत की सभा में इसके जवाब में कहा था कि भले ही वे नीच जाति के हों लेकिन उनके संस्कार ऊंचे हैं।

अय्यर ने जानबूझकर बयान दिया                                                                                                                                                –     न्यूज एजेंसी के मुताबिक जेटली ने कहा, “अय्यर ने जानबूझकर मोदी के लिए जातिसूचक बयान दिया। फिर सहूलियत देखकर माफी मांग ली। उनको पार्टी से बाहर किया जाना भी एक रणनीति है।”
– “अय्यर का बयान ये इसी माइंडसेट को दिखाता है कि केवल एक कुलीन परिवार ही इस देश पर शासन कर सकता है।”
– “कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को नीच कहकर देश के कमजोर और पिछड़े तबके के लोगों का अपमान किया है।”
– “भारत की असल ताकत तब दिखेगी, जब कोई साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला कोई शख्स वंशवाद की राजनीति खत्म करेगा।”

मणिशंकर अय्यर ने क्या कहा था?                                                                             2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी को कांग्रेस अधिवेशन में आकर चाय बेचने का न्योता देने वाले अय्यर फिर विवादों में आ गए। उन्होंने कहा, ‘‘जो अंबेडकरजी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी, उसे साकार करने में एक व्यक्ति सबसे बड़ा योगदान था। उनका नाम था जवाहरलाल नेहरू। अब इस परिवार के बारे में ऐसी गंदी बातें करें, वो भी ऐसे मौके पर जब अंबेडकरजी की याद में बहुत बड़ी इमारत का उद्घाटन किया गया। मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत नीच किस्म का है, इसमें कोई सभ्यता नहीं है। ऐसे मौके पर इस प्रकार की गंदी राजनीति की क्या आवश्यकता है।”

मोदी ने अय्यर को क्या जवाब दिया?

– चुनावी रैली में मोदी ने कहा, ‘‘एक नेता हैं। बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी से उन्हाेंने डिग्री ली है। वे भारत के राजदूत रहे हैं। फॉरेन सर्विस के बड़े अफसर रहे हैं। मनमोहन सरकार में वे जवाबदार मंत्री थे। उन्होंने आज एक बात कही। श्रीमान मणिशंकर अय्यर ने कहा कि मोदी नीच जाति का है। मोदी नीच है। …भाइयो-बहनो! ये अपमान गुजरात का है। ये भारत की महान परंपरा है?’’

– ”क्या ये जातिवाद नहीं है? क्या ये हमारे देश के दलितों का अपमान नहीं है? क्या ये मुगलों की मानसिकता नहीं है, क्या ये सामंतवादी मानसिकता नहीं है? क्या उन्होंने मुझे नीच नहीं कहा? लेकिन, हमारे संस्कार इस तरह की भाषा की इजाजत नहीं देते। आप इसका जवाब वोटिंग मशीन से दीजिए। बताइए उन्हें कि नीच कहने का क्या मतलब होता है? क्या आप देश के किसी नागरिक को नीच कह सकते हैं? कांग्रेस के महारथियो! आप मुझे भले ही नीच जाति और नीच कहते हों। लेकिन, मैं सबकी सेवा के लिए यहां आया हूं। आपने मुझे गधा कहा, नीच कहा। गंदी नाली का कीड़ा तक कहा। मुझे तो मौत का सौदागर तक कहा जा चुका है। ”
– “तुम्हारी बात-तुम्हें मुबारक, मुझे नीच कहने का साहस दिखाया। लेकिन, मैं काम इस देश के लिए और ऊंचे करता हूं और साफ करता हूं। आप जिन्हें नीच कहते हैं , वो आपको कुछ सबक तो सिखा चुके हैं अब आगे और सिखाएंगे। तैयार हो जाइए।”

Leave a Reply