बिहार में यह पहल बेहतरीन है, अब विधवा महिलाएं भी कर सकेंगी शादी, इस एप से मिलेगी मदद

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जब से बिहार सरकार ने दहेज़ प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ हल्ला बोला है. तब से कई सार्थक पहल इस दिशा में किये जा रहे हैं. जहां एक ओर पंचायत सचिव को शादी के ऑन स्पॉट निबंधन करने के लिए भेजे जाने की पहल की गई है वहीं विवाह भवन वालों को भी दहेज़ मुक्त ह्सादी के लिए ही मंडप उपलब्ध कराने को कहा गया है. अब इसी और एक कदम बढ़ाते हुए बिहार महिला आयोग ने भी बेहतरीन कदम उठाया है. अब समाज की विधवा और एकल महिलाओं की दोबारा शादी कराने के लिए महिला आयोग विशेष व्यवस्था कर रही है.

बिहार राज्य महिला आयोग अब समाज की विधवा और एकल महिलाओं का पुनर्विवाह करायेगा और इसके लिए आयोग राज्य भर की एकल महिलाओं और विधवाओं को एक मंच से जोड़ने की योजना बना  रहा है. इसके तहत आयोग एक एप बनाने की योजना बना रही है, इस एप से सभी महिलाओं को जोड़ा जायेगा और एप के जरिये उनकी शादी का प्रस्ताव भी तैयार होगा. उनके लिए रिश्ता भी खोजा जायेगा और उन पर हो रही हिंसा की रोकथाम भी की जाएगी.

आयोग की ओर से चलो-चलो पुनर्विवाह की बात करें एप तैयार करने की तैयारी की जा रही है. एप में जाकर महिला अपना नाम पता और  उम्र के साथ एजुेकेशन और कांटेक्ट नंबर देकर अपना रजिस्ट्रेशन करा  सकेंगी.साथ ही वैसे पुरुष, जो दूसरी शादी करना चाहते हैं, उस एप के जरिये  अपना रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. इससे दोनों की रिक्वायरमेंट पूरी की जा सकेगी.
आयोग की सदस्य उषा विद्यार्थी ने बताया कि  समाज में अब भी विधवा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है यहां तक की पति की मृत्यु के बाद उन्हें प्रॉपटी से भी अलग कर दिया जाता है. घरेलू हिंसा तक की शिकार होती है. उनके जीवन का विकल्प समाप्त हो जाता है. मायके वाले भी विधवा बेटियों को नहीं रखना चाहते हैं. ऐसे में आयोग अब उनके लिए एक ऐसा मंच तैयार करने जा रही है. जहां, उनके लिए रिश्ता भी खोजा जायेगा और हिंसा से रोकथाम भी किया जायेगा.

वैसे लोग जो विधवा महिलाओं को अपनायेंगे. उनके लिए कुछ प्रोत्साहन राशि और विधवा महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जायेगा. इसके लिए  सबसे पहले एप के जरिये पूरे बिहार भर की विधवा महिलाओं की सूची तैयार की  जायेगी. उसके बाद उसके विवाह के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं और सरकार की मदद ली जायेगी, ताकि समाज में उनकी दशा में बदलाव लाया जा सके.

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