मानवता शर्मसार :अमृतसर रेल हादसा में मानवता को शर्मसार करने वाली सच्चाई आई सामने

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न्यूज़ डेस्क : दशहरे की रात रावण दहन के दौरान हुए ट्रेन हादसे से लोग अब भी उबर नहीं पाए हैं। इस बीच मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे में मारे गए लोगों के रिश्तेदारों का कहना है कि उनके अपनों के शव तो मिले, लेकिन उनकी कई कीमती चीजें (गहने, मोबाइल, पर्स) गायब मिलीं। रिपोर्ट यह भी है कि कई घायलों की मदद के नाम पर कुछ लोगों ने उनके मोबाइल और पर्स चोरी कर लिए। शुक्रवार रात हुए इस हादसे में 59 लोगों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग जख्मी हैं।

– रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे में 17 साल के बेटे वासु को खोने वाली मां ज्योति कुमारी ने बताया, प्रशासन और दशहरा समारोह आयोजकों की लापरवाही के चलते उन्होंने अपना बेटा खोया है।
– महिला का कहना है, सिविल अस्पताल से जब उनके बेटे का शव मिला तो उसका 20 हजार की कीमत का मोबाइल, पर्स और सोने की चेन गायब थी।
– वहीं, 19 साल का बेटा खोने वाले कमल कुमार ने बताया, तरुन अपने दोस्त के साथ दशहरा देखने गया था। दोस्त गाड़ी से उसका शव लेकर आए, लेकिन बेटे का मोबाइल अभी तक नहीं मिला है।

‘मेरी जेब से ले गया मोबाइल’
– इस हादसे ने कइयों से उसका चिराग, तो कइयों के सिर से पिता का साया छीन लिया। हादसे में तीन साल की बेटी नंदनी को खोने वाले दीपक के पैर में चोट आई है। दूसरा बेटा जिंदगी से संघर्ष कर रहा है।
– दीपक ने बताया, वो दशहरा मनाने बच्चों के साथ जोड़ा फाटक के पास गए हुए थे। हादसे के बाद जब उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई, तो उनके पास एक शख्स आया। लेकिन मदद करने की बजाए उनकी जेब से मोबाइल ले गया।

नीचे पढ़िए मौत के आंकड़े में हेर -फेर 



मौत के आंकड़ों में हेरफेर का आरोप
– बता दें कि रेल हादसे के बाद से स्थानीयों का गुस्सा लगातार फूट रहा है। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस और प्रशासन की खामियों को लेकर नाराज लोग लगातार घटनास्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
– प्रदर्शनकारी प्रशासन पर उनकी बात न सुनने और मृतकों के आंकड़ों में हेरफेर करने का आरोप लगा रहे थे। बिहार के रहने वाले सुभाष यादव अपने 20 साथियों को तलाश रहे हैं। तीसरे दिन भी उनके बारे में कुछ पता नहीं लग पाया। शुक्रवार को हुए हादसे के बाद से यह रेलवे ट्रैक बंद था।