एसएससी में भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभी भी छात्रों का जंग जारी ,बयां किया अपना दर्द

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नई दिल्ली  : एसएससी में भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभी भी छात्रों का जंग जारी है |इन स्टूडेंट्स का कहना है कि हमारे खिलाफ गलत प्रचार किया जा रहा है कि CBI की मांग पूरी होने के बावजूद हम पॉलिटिक्स कर रहे हैं। मगर हम ऐसा मानने वालों से कहना चाहते हैं कि एक बार सीजीओ कॉम्प्लेक्स आएं, हमसे बात करें और जानें कि यह सिस्टम कैसे और कितना करप्ट है। स्टूडेंट्स ने सोमवार को नए सिरे से कई पोस्टर्स बनाकर लोगों को बताने की कोशिश की कि आखिर घपलेबाजी कहां कहां है। सोमवार को एसएससी बिल्डिंग के पास स्टूडेंट्स की तादाद भी बढ़ती गई। तेज धूप के बावजूद स्टूडेंट्स आते रहे और नारे गूंजते रहे।

दिल्ली की गर्मी अपना असर दिखाने लगी है, मगर इस तेज धूप में खुले आसामान के नीचे एसएससी स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट जारी है। 14वें दिन भी इन कैंडिडेट्स की नाराजगी और बेबसी सीजीओ कॉम्प्लेक्स के बाहर जमी रही। पिछले वीकेंड के मुकाबले सोमवार को कैंडिडेट्स की संख्या भी बढ़ी। एनसीआर के अलावा हरियाणा, यूपी के कुछ इलाकों से भी स्टूडेंट्स यहां पहुंचे। इन्होंने पुलिस बैरिकेड्स पर एक पोस्टर एग्जिबिशन लगाकर एसएससी के सिस्टम को बयान किया। पहले दिन से इस प्रोटेस्ट का हिस्सा बने हरियाणा के संतोष कुमार कहते हैं, मेरे पिता चौकीदार हैं और वो इस जॉब के लिए मुझे 30 लाख रुपये नहीं दे सकते।
एसएससी की सीट धड़ल्ले से बेची जा रही है, मगर शिकायतों के बावजूद कमिशन एक्शन नहीं ले रही। इसकी क्या वजह है? क्या इसकी जांच नहीं होनी चाहिए? वजीराबाद में रहने वाले अनुराग का कहना है, सुनना तो दूर, हमारी दरियां हटा दी गईं, टॉइलट बंद कर दिए गए, बीच-बीच में कोई पुलिसवाला धमका जाता है, बैरिकेड खिसकाकर हमारी प्रोटेस्ट की जगह छोटी कर दी गई…, ऊपर से कई लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि हमारी मांगें मान ली गई हैं, जबकि एसएससी सिर्फ फरवरी के सीजीएल एग्जाम की सीबीआई जांच कहकर पल्ला झाड़ रहा है। पटना, लखनऊ, इलाहाबाद, चेन्नै समेत पूरे देश में आवाज उठ रही है, तो इसे अनसुना कैसे किया जा सकता है। मगर हम भी हार नहीं मानेंगे और मांगें पूरी ना होने पर आंदोलन रुकेगा नहीं, बल्कि बढ़ता चला जाएगा।

बिहार के रहने वाले एसएससी कैंडिडेट पंकज कहते हैं, कुछ मीडिया चैनल और अखबारों में भी आया है कि हमारी मांग मान ली गई है। लोगों को पता ही नहीं है कि यह एक एग्जाम के पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि एसएससी के बाकी एग्जाम की सीट धांधली का भी मुद्दा है। मेरा खुद 16 मार्च को सीएचएसएल का एग्जाम है मगर फिर भी मैं अपने भविष्य के लिए यहां 7 दिनों से लगातार रात-दिन धरने पर हूं। यह वही एग्जाम है, जिसमें एक कैंडिडेट के एक सेंटर के 700 एडमिट कार्ड जारी हुए हैं। क्या इसकी जांच नहीं होनी चाहिए?

नजफगढ़ से आईं सीमा त्यागी कहती हैं, क्या बेरोजगार यंगस्टर्स प्रधानमंत्री मोदी को दिख नहीं रहे हैं? 24 घंटे हम यहां हैं, सड़क पर सो रहे हैं, लंगर में खा रहे हैं, रोज कोई ना कोई बीमार होकर अस्पताल जा रहा है, तो फिर उन्होंने क्यों चुप्पी साधी हुई है? मैं ग्रैजुएशन के बाद से एक साल से सीजीएल की तैयारी कर रही हूं, मगर आज मुझे लग रहा है कि मेरा भविष्य कुछ है ही नहीं क्योंकि इतने दिनों से सरकार का कोई भी शख्स हमारे बीच नहीं आया।

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