बहुत कम हुई है GST से जुड़ी मुश्किलें, बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी की कोशिश पूरे देश में रंग ला रही है

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जीएसटी से बढ़ी परेशानियां अब कम होने लगी हैं. कई सुधारों के बाद कारोबारियों को अब राहत मिलने लगी है. जीएसटीएन पोर्टल में तकनीकी खामियों को भी दूर कर लिया गया है. और इन सब का श्रेय बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी को जाता है. जीएसटी काउंसिल द्वारा  बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में गठित मंत्रिसमूह की कोशिशें रंग ला रही हैं.

कारोबारियों की दुश्वारियां कम हो रही हैं. धीरे-धीरे जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाले असेसी की संख्या बढ़ रही है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर के लिए 43.67 लाख असेसी ने जीएसटी का रिटर्न भरा. हालांकि यह संख्या अब भी अपेक्षा और लक्ष्य से काफी दूर है. खास बात यह है कि रिटर्न दाखिल करने के मामले में पंजाब सबसे आगे रहा है.

अक्टूबर के लिए 78 लाख असेसी को जीएसटी का रिटर्न ‘जीएसटीआर-3बी’ दाखिल करना था. यह फिलहाल अंतरिम व्यवस्था है, क्योंकि जीएसीटीआर 2 व 3 को भरने के लिए 31 मार्च तक की मोहलत दी गई है. जीएसटी में पंजीकृत कारोबारियों को हर माह जीएसटीआर-3बी दाखिल करना है. इसमें उन्हें अपनी खरीद-बिक्री का ब्योरा देते हुए कर अदायगी करनी होती है.

जीएसटीआर-3बी की अंतिम तिथि 20 नवंबर थी. इस तारीख तक करीब 56 प्रतिशत असेसी ने रिटर्न दाखिल किया है. सितंबर के लिए जीएसटीआर-3बी जमा करने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर थी. तब करीब 39.33 असेसी ने जीएसटी रिटर्न भरा था.

बता दें कि सुशील कुमार मोदी देश के वैसे चुनिंदा राजनेताओं में शामिल हैं, जो जीएसटी के तकनीकी पक्ष एवं बारीकी को समझते हैं. और, जमीन से जुड़े एक नेता के रूप में वे निचले स्तर पर कारोबार कर रहे व्यापारियों एवं आम जनता को इससे होने वाली सुविधा-असुविधा की भी गहरी समझ रखते हैं. इस मामले में वे एक साथ जमीनी नेता व तकनीकीविद दोनों हैं.

दरअसल बिहार में एनडीए की पूर्व सरकार में जब सुशील कुमार मोदी वित्तमंत्री थे, तब वे 2011 से 2013 तक जीएसटी के यूपीए सरकार द्वारा गठित अधिकार प्राप्त समिति के प्रमुख थे. इस रूप में जीएसटी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में उन्होंने यूपीए सरकार को काफी सहयोग किया था. इस दौरान सुशील कुमार मोदी ने दुनिया के वैसे देशों में जहां जीएसटी लागू हुए हैं, उसका गहराई से शोध व अध्ययन किया. यह तब उनकी कार्य जिम्मेवारी का एक अहम हिस्सा था.

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