धनंजय झा द्वारा सम्पादकीय : सरकारी स्कूल की चरमराती व्यवस्था

न्यूज़ डेस्क : स्वच्छता अभियान तो एक दिखावा और छलावा है | स्वच्छता का   सबसे पहला केंद्र बिंदु होता है कोई भी स्कूल | आज स्कूल जैसा नरक तो कोई […]

पढ़िए संपादक धनंजय कुमार झा का सम्पादकीय लेख : बिहार की अपंग शिक्षा नीति

सम्पादकीय : बिहार की शिक्षा नीति के तहत शिक्षा के विकास के लिए पूर्वमुख्यमंत्री स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर ने सोचा था कि अंग्रेजी को अगर सिलेबस से हटा दिया जाए तो […]